Monday, February 23, 2015

                        पोलिटिकल-प्रोडक्सन 
अब राजनीति के  उद्योगों  में,  नेता  जी  विज्ञापन में
टी.वी. चैनल  बेच  रहे  हैं, सत्ता,  घर - घर आंगन में
टूथ पेस्ट कच्छा, बनियाने, कुछ  ना कुछ उपयोगी है
काम,क्रोध, मद, लोभ के नेता सब  संक्रामक रोगी हैं
टाफी, बिस्कुट, च्वनप्रास  और विगोरस  है चैनल में
बीच- बीच  में  नेताजी  दिख  जाते  हैं  हर  पैनल में
पता  नही  चलता  टी. वी. में,  विज्ञापन   है, नेता हैं
इस भारत का जनमत भी  तो   इस  कुडे़का  क्रेता हैं
सारे  चैनल   बिके   पडे़   हैं  राजनीति   की  हाटों में
कुचल रहे  हैं,  विज्ञापन  औेर नेता,  सबको, बाटों में
अब डिटर्जेन्ट, खादी के कुर्ते, हर  चैनल  चमकाता है
रिवाइटल  और  च्वनप्रास,  खादी   का मुर्दा खाता है
तकनीकी  के  नये - दौर में  नेता जोकर बन जाते हैं
रूकी हुयी  नदियों  के  जैसे, क्रेता पोखर बन जाते हैं
तर्को  और  कुतर्कों  से  बस, सामान  बेचना जारी है
प्रजातन्त्र  का  पत्थर,  विज्ञापन में  कितना भारी है
कांग्रेस  का  प्रोडक्सन, चर्चा  में  कोई  खास  नही है
बी.जे.पी  कुछ  माल  है,  जनता  को आभाश नही है
अब आप पार्टी, परमानेन्ट,ऐजेन्ट देश में ढूंढ रही है
कम्पटीशन में माल बेचकर,जनता को ही मूंड रही है
स.पा.बा.स.पा. का कबाड़ तो, यू.पी.में बिक जाता है
और बिहार का कुडा,लालू,नितीस, स्वयं बँट जाता है
ममता,समता,ललिता भी विज्ञापन में टिकी हुयी है
कुटीर उद्योग भी लोकल  जनमत से ही बिकी हुयी है
पूरब,पशचिम,उत्तर, दक्षिण के प्रोडक्सन भी जारी है
लोक - तन्त्र  के  शेयर  बाजारों  में ये सबसे भारी है
लोकसभा,राज्ससभा में मुंहमांगी कीमत मिलती है
इस प्रोडक्सन  से  प्रजातन्त्र  की बुनियादें हिलती हैं
टी. वी. चेैनल नये  किस्म  का  वालमार्ट है भारत में
रामायण में मोदी  रथ हैं ,लाल  कृश्ण  महाभारत में
कम्युनिष्टऔरशोशलिष्ट सबअपने घुटने छिलवाते हैं
कवि ‘आग ’ के छन्दों में, नेता विज्ञापन बन जाते है! !!
             राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा(आग)
                 मो09897399815
     rajendrakikalam.blogspot.com

       

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