मध्य-वर्ग की मौत
वित्त मंत्री खडग उठाओ,मिलकर मध्य-वर्ग को काटो
लाशों के अम्बार लगे हैं सभी सियासी मिलकर बाटो
धार खडग की सात दशक से मध्य-वर्ग ही झेल रहा है
प्रजातन्त्र में मध्य - वर्ग र्निवस्त्र सडक पर खेल रहा है
मिर्च,मशाला,नमक लगाकर,नोचो,इन लाशों को चाटो
वित्त मंत्री खडग उठाओ, मिलकर मध्य-वर्ग को काटो
अन्नदाता बेजान खढा है, नेताओ का अलग धडा है
कंही फूल,कंही हंसिया बालि, कांग्रेस का हाथ खडा है
सपा,बा.स.पा.,दक्षिण पन्थी,बिन पेंदी का खास घडा है
भूमिधर जिन्दा मरता हेै, विकृत शव बेहाल पडा हेै
जो बचे-खुचे बेहाल पडे है, जाओ उन सब को भी छांटो
वित्त मंत्री खडग उठाओ ,मिलकर मध्य-वर्ग को काटो
मंहगायी और बेरोजगारी अब जुमले ही बोल रही है
पडी लिखी पीढी भारत की चौराहों पर डोल रही है
मध्य-वर्ग,उपसर्ग हो गयी ,कफन लाश से खोल रही है
ये राजनीति भी मध्य-वर्ग के मुर्दे ही तो तोल रही है
मध्य -वर्ग क्यों चूस रहे हो, हे सूखी सरिता के घाटो
वित्त मंत्री खडग उठाओ, मिलकर मध्य-वर्ग को काटो
आटा,चावल,मिर्च,मशाला नेता ने कब मोल लिया है
मुफ्त खोर का खाने वालों ने इसका कब तोल किया है
भ्रष्टाचारों की दावत का माल मुफ्त में खाने वालो
घडियाली आँखो के आंशू दरियादिली बहाने वालों
अर्थ-व्यर्थ से भरी हुयी, इन लाशों को तो अब ना डाटो
वित्त मंत्री खडग उठाओ ,मिलकर मध्य-वर्ग को काटो
अच्छे दिन आने वाले थे ,बूरे दिन हम झेल रहे हैं
मध्य - वर्ग निष्प्राण शरीरों से ,ये मुर्दे खेल रहे हैं
आम आदमी,बद् से बद्तर जीवन जीने को व्याकुल हेै
मघ्य-वर्ग की जीवन-शैली प्रजातन्त्र में क्यो ढुल-मुल है
कवि आग कहता है, गढ्ढे खोदो उसमें हमको पाटो

