Sunday, September 20, 2015

बिहार के सारथी
क्यों होता है स्वागत नेता जी का हर चौराहों में
हम सब क्यों चलना चाहते हैं नेताओ की राहों में
क्या चमत्कार हेै नेताओ का, जो ये हमको भाते हैं
देख भिखारी प्रजातंत्र के, राष्ट्र-नियन्ता बन जाते हैं

भगवानो के पुष्प सुशोभित नेताओं पर डाल रहे हो
अजगर,सांप,सपोलोें कोेेे भी दूध पिलाकर पाल रहे हो
सडक छाप को कैसे जन-मत ,आदरणीय बनाता है
भिखमंगो का देख शिकारी खुद शिकार, बन जाता है

जनता पाय-दान बनती हैे क्यों नेता के चरणो की
दीन- दुखी जनता उपयोगी नेता के उपकरणो की
इसी मशीन से नेता जी , उद्योगपति बन जाते हैं
बिना खर्च के देख मुनाफा नेता सभी कमाते हैं

पीढी दर पीढी बटोर कर जमा विदेशी खातों में
ये भारत की जनता जीती है नेता की बातों में
फिर समाज के सेवक उठते है विरोध की भांषा में
देख निकम्मे लोगों को इस राजनीति की आशा में

हो जाती है जंग शूरू फिर भारत भाल बचाने को
सभी यहाॅं तैयार खडे़ हैं अपनी रास रचाने को
अलग-अलग स्वर गूॅंज रहे हैं टी0वी0के हर चैनल में
चौराहों पर जम - घट देखो हर नेता के पैनल में

खादी कुर्ता कफन ओढकर भूत,भविष्य की आशा में
झूठ, कपट, छल भरा पडा है इन मुर्दों की भांषा में
प्रजातन्त्र का बोझा, जनता क्यों शदियों से ढोती है
चमत्कार है जनता मालिक, नोैकर से क्यों रोती है

अब सारे डाकू डटे पडे हैं, चन्द्रगुप्त की धरती में
चोर,उचक्कों के जमघट है, बीहड की इस भरती में
एक उवैसी निकल पडा है , पाकिस्तान बनाने को
उसके पीछे कौन खडा है, राष्ट्र - ध्वजा फहराने को

अब जनता उपचार करेगी नालों का पतनालों का
सिमट जायेगा खेल यहाॅं पर दरियादिली दलालों का
जागो जनता समय आ गया राष्ट्र - सुरक्षित करने का
डेढ़ अरब की जनता में जज्बा हो जीने मरने का

वोट डालने घर से निकलो, हर नेता को देखो भालो
कुछ भी समझ नही आता तो,नाटो का ही बटन दबालो
मत की कीमत से शायद कुछ ना कुछ तो हल आयेगा
कवि‘आग’तो मुर्दो में भी ,खडा हुआ कविता गायेगा!!
राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा(आग)
मो09897399815
rajendrakikalam.blogspot.com

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