आडम्बर में फंसा राम
गरिमा गिरायी राम की क्यों भक्त ने इस देश में
देख लो लंकेश को अब राम ही के भेष में
राजनितिक द्वन्द से राम कलुषित हो गया
रावणों के राज में रघुवंश पूरा खो गया
राम की गति देख कर हनुमान भी तो मौन है
स्तब्ध है बजरंग भी, बजरंंग दल ये कौन है
जंग सड.कों पर नहीं हर दिल में मन्दिर चाहिये
निष्कपट मन मन्दिरों में राम रमते पाइये
राजनिति ना करे उपयोग सीता राम का
उद्योग में तो धर्म भी हो गया बे काम का
धर्म में उंगली उठी, ब्रह्माण्ड भी हिल जायेगा
श्रृष्टि में प्रलय भयंकर,खाक में मिल जायेगा
धर्म के धन्धे कहां निर्जन जमीं हो जायेगी
मजहबों के जंग से , श्रृष्टि धरम् को खायेगी
महापुरुष आतंक के पर्याय बनते जायेंगें
लगता नहीं है धर्म में भगवान फिर से आयेंगें
चौराहे में भगवान की गाथा को गाना छोड. दो
आड. में भगवान की सत्ता को पाना छेाड. दो
हर जगह भगवान के मन्दिर बनाना छोड. दो
मन्दिरों और मस्जिदों का ये बहाना छोड. दो
राम का मन्दिर बने हर मुस्लिमों के हाथ से
मस्जिद बने, बजरंग दल और संघीयों के साथ से
राम और अल्लाह की कौमें एक हों इस देश में
बस, एक हिन्दुस्तान हो, कौमी, कबीले भेष में
हर कौम को रोटी मिले, हर हाथ में बस, काम हो
हिन्दू,मुस्लिम,सिक्ख,इसाई के जहन में राम हो
मजहबों और सम्प्रदायों के गुरू ,सब दूर हों
बस, आदमी हो, आदमियत से भरा भरपूर हो
जो हदों से पार होगा राम बनता जायेगा
द्वन्द के कोहराम में तो राम भी खो जायेगा श्री राम के आदर्श को अपने दिलों में लाइये मन्दिरों में मस्जिदों में राम रमते पाइये ।।
राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा;आग
मो09897399815
rajendrakikalam.blogspot.com
गरिमा गिरायी राम की क्यों भक्त ने इस देश में
देख लो लंकेश को अब राम ही के भेष में
राजनितिक द्वन्द से राम कलुषित हो गया
रावणों के राज में रघुवंश पूरा खो गया
राम की गति देख कर हनुमान भी तो मौन है
स्तब्ध है बजरंग भी, बजरंंग दल ये कौन है
जंग सड.कों पर नहीं हर दिल में मन्दिर चाहिये
निष्कपट मन मन्दिरों में राम रमते पाइये
राजनिति ना करे उपयोग सीता राम का
उद्योग में तो धर्म भी हो गया बे काम का
धर्म में उंगली उठी, ब्रह्माण्ड भी हिल जायेगा
श्रृष्टि में प्रलय भयंकर,खाक में मिल जायेगा
धर्म के धन्धे कहां निर्जन जमीं हो जायेगी
मजहबों के जंग से , श्रृष्टि धरम् को खायेगी
महापुरुष आतंक के पर्याय बनते जायेंगें
लगता नहीं है धर्म में भगवान फिर से आयेंगें
चौराहे में भगवान की गाथा को गाना छोड. दो
आड. में भगवान की सत्ता को पाना छेाड. दो
हर जगह भगवान के मन्दिर बनाना छोड. दो
मन्दिरों और मस्जिदों का ये बहाना छोड. दो
राम का मन्दिर बने हर मुस्लिमों के हाथ से
मस्जिद बने, बजरंग दल और संघीयों के साथ से
राम और अल्लाह की कौमें एक हों इस देश में
बस, एक हिन्दुस्तान हो, कौमी, कबीले भेष में
हर कौम को रोटी मिले, हर हाथ में बस, काम हो
हिन्दू,मुस्लिम,सिक्ख,इसाई के जहन में राम हो
मजहबों और सम्प्रदायों के गुरू ,सब दूर हों
बस, आदमी हो, आदमियत से भरा भरपूर हो
जो हदों से पार होगा राम बनता जायेगा
द्वन्द के कोहराम में तो राम भी खो जायेगा श्री राम के आदर्श को अपने दिलों में लाइये मन्दिरों में मस्जिदों में राम रमते पाइये ।।
राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा;आग
मो09897399815
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