परिणाम शुन्य घटना
ललित मोदी ही कांग्रेस की पूरी पोले अब खोलेगा
पी.एम, मोदी तर्क छाँट कर धीरे - धीरे अब बोलेगा
ललित मोदी की गोद में बैठे दोनो दल ही हाँप रहे है
कंहा - कंहा डाके डाले हैं इसके डर से काँप रहे है
परिणाम शून्य होगा आखिर मेें भष्टाचारी कू-कर्मो का
प्रजातन्त्र में राज रहा है , गुण्डो का और बे-शर्मो का
अब दोनो दल ही फँसे पडे है ,चोर - चोर मौसेरे भाई
लोकतन्त्र ,लावारिस जनता बनती है सबकी भौजायी
माल कमाने वाले माहिर नेता ये सब खेल रहे हैं
हम तो बस, अम्बानी, मोदी, टाटा, बिडला झेल रहे हैं
चिल्लाकर चैनल भी हारे,सुनकर जनता शान्त हो गयी
सुषमा,शुक्ला,वषुन्धरा भी जनता में सम्भ्रान्त हो गयी
सात दशक से सबने लूटा, नेता ने जनमत को कूटा
शब्दो के सौदागर देखे, जो कुछ बोला सब कुछ झूठा
बोट डालना मजबूरी है, डालो और डाकू को पालो
हाड,मांस ही शेष बचे हेैं, आओ मिलकर ये भी खालो
मंहगायी और भ्रष्टाचारी मध्य - वर्ग को चाट गयी है
मजदूर,किसान,गरीबों को तो सत्ता कब की काट गयी है
भारत को तो केवल शब्दो के आश्वासन पाल रहे हैं
सब डाकू, चोर, लुटेरे माया अपने घर में डाल रहे हैं
जाने कितने ललित मोदी है राजनीति के सहवासो में
आई.पी.एल में देख लिया है, चोरों की गिनती खासो में
सब की फोटो खींची हुयी है, इस डाकू के संरक्षण में
सभी विरोधी साथ-साथ है,भारत की माया भक्षण में
सारे डाकू चरित्रवान हैं, न्यायालय के उदघोषो में
सबकी नजरें टिकी हुयी हैं, बस,माया के ही कोषो में
प्रजातन्त्र में जनता हारी, राजनीति की ही बलिहारी
कवि आग अब गोण हो गया असल आग सत्ता मे नारी।।
राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा(आग)
9897399815
rajendrakikalam.blogspot.com
ललित मोदी ही कांग्रेस की पूरी पोले अब खोलेगा
पी.एम, मोदी तर्क छाँट कर धीरे - धीरे अब बोलेगा
ललित मोदी की गोद में बैठे दोनो दल ही हाँप रहे है
कंहा - कंहा डाके डाले हैं इसके डर से काँप रहे है
परिणाम शून्य होगा आखिर मेें भष्टाचारी कू-कर्मो का
प्रजातन्त्र में राज रहा है , गुण्डो का और बे-शर्मो का
अब दोनो दल ही फँसे पडे है ,चोर - चोर मौसेरे भाई
लोकतन्त्र ,लावारिस जनता बनती है सबकी भौजायी
माल कमाने वाले माहिर नेता ये सब खेल रहे हैं
हम तो बस, अम्बानी, मोदी, टाटा, बिडला झेल रहे हैं
चिल्लाकर चैनल भी हारे,सुनकर जनता शान्त हो गयी
सुषमा,शुक्ला,वषुन्धरा भी जनता में सम्भ्रान्त हो गयी
सात दशक से सबने लूटा, नेता ने जनमत को कूटा
शब्दो के सौदागर देखे, जो कुछ बोला सब कुछ झूठा
बोट डालना मजबूरी है, डालो और डाकू को पालो
हाड,मांस ही शेष बचे हेैं, आओ मिलकर ये भी खालो
मंहगायी और भ्रष्टाचारी मध्य - वर्ग को चाट गयी है
मजदूर,किसान,गरीबों को तो सत्ता कब की काट गयी है
भारत को तो केवल शब्दो के आश्वासन पाल रहे हैं
सब डाकू, चोर, लुटेरे माया अपने घर में डाल रहे हैं
जाने कितने ललित मोदी है राजनीति के सहवासो में
आई.पी.एल में देख लिया है, चोरों की गिनती खासो में
सब की फोटो खींची हुयी है, इस डाकू के संरक्षण में
सभी विरोधी साथ-साथ है,भारत की माया भक्षण में
सारे डाकू चरित्रवान हैं, न्यायालय के उदघोषो में
सबकी नजरें टिकी हुयी हैं, बस,माया के ही कोषो में
प्रजातन्त्र में जनता हारी, राजनीति की ही बलिहारी
कवि आग अब गोण हो गया असल आग सत्ता मे नारी।।
राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा(आग)
9897399815
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