Monday, June 1, 2015

                   आश्वासन
आज  तो  नेता से जनता आश्वासन पा रही  है
राजनीति  हर  जगह पर आश्वासन  गा रही  है
आश्वासन किस तरह आधार बनता जा  रहा है
राष्ट्र को  तो  भ्रष्टता  का  आश्वासन  खा रहा है

गूंज  है  करतल ध्वनि की पागलों की  बात में
विश्वास हमको हो रहा  है पागलों  की जात  में
आश्वासन  देख  लो मन्दिर  कहीं  कश्मीर का
नेता जनाजा बन गया मेरे  वतन की  पीर का

अब  युवा  भी  आश्वासन से जवानी खो रहा है
आश्वासन  की जवानी  से वतन  भी  रो रहा हेै
आश्वासन   युद्व  में  और  बेरोजगारी   आड़ में
झोंकता है  किस  तरह नेता  वतन को भाड़ में

आश्वासन के लिये  दल  भी सियासी बन  गये
लाश पर भी आश्वासन के कफन क्यों तन गये  
विडंबना है आज जनता   आश्वासन पा  रही  है
बज रही हैं तालियाँ बस आश्वासन  खा  रही  है

नित हो  रहे पैदा शिशू बस आश्वासन के  लिये
र्निलक्ष्य जीवन हो गया है मात्र  जीने  के लिये
स्वप्न तो  साकार अपने भ्रष्ट नेता  कर  रहा है
आस्था में आश्वासन  की वतन क्यों मर रहा है

गेरूवा   भी   आश्वासन   दे   रहा   है  धर्म  का
बन  गया  उपहास   देखो   आश्वासन कर्म  का
पागलों की   भीड़  में  ये  आश्वासन   बोलता है
किस कदर मठ मन्दिरों में आश्वासन डोलता है

आंकडा जनता का अरबों  से भी उपर जा रहा है
सूसुप्त है  मेरा  वतन  बस आश्वासन खा रहा है
औखात हिन्दुस्तान की  ये  राजनीत जानतीे है                  
इसलिये  तो  आश्वासन  के  ही तम्बू तानती है

भ्रष्टता को  काटने  का  आश्वासन  मिल  रहा है
विपक्ष के  चेहरों में देखो नूर  कैसा खिल रहा है
आश्वासन  लड़  रहा   है   आश्वासन  के   लिये
दिख  रहा  है द्वन्द  में भी  फंद  सासन के लिये

परदेश भी पी.एम. को  पूरा  आश्वासन दे रहा है
आश्वासन  से  मजा  पी.एम. भी  पूरा ले रहा है
आश्वासन के ही कारण,सब  सियासी लड रहे हैं
इस देश  में  तो  आश्वासन  के  कीडे  पड रहे हैं

आश्वासन ही तो  हम कितने  युगों से पा  रहे हैं
जिन्दगानी  आश्वासन  की  ही  जीते  जा  रहे है
लम्बी उमर है  आस्था  और  आश्वासन   पाइये
राजनीति    की   सफलता    आश्वासन  खाइये

आश्वासन  राजनीति  भी  हमी   को   दे  रही है
भ्रष्ट   भारत -वर्ष   का पूरा  मजा  वो  ले रही है
मिल   रहा   है  आश्वासन आग  इस तूफान में
आश्वासन  बिक   रहा   है आज  हिन्दुस्तान में।।
         राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा(आग)
             मो09897399815
   rajendrakikalam.blogspot.com

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