आश्वासन
आज तो नेता से जनता आश्वासन पा रही है
राजनीति हर जगह पर आश्वासन गा रही है
आश्वासन किस तरह आधार बनता जा रहा है
राष्ट्र को तो भ्रष्टता का आश्वासन खा रहा है
गूंज है करतल ध्वनि की पागलों की बात में
विश्वास हमको हो रहा है पागलों की जात में
आश्वासन देख लो मन्दिर कहीं कश्मीर का
नेता जनाजा बन गया मेरे वतन की पीर का
अब युवा भी आश्वासन से जवानी खो रहा है
आश्वासन की जवानी से वतन भी रो रहा हेै
आश्वासन युद्व में और बेरोजगारी आड़ में
झोंकता है किस तरह नेता वतन को भाड़ में
आश्वासन के लिये दल भी सियासी बन गये
लाश पर भी आश्वासन के कफन क्यों तन गये
विडंबना है आज जनता आश्वासन पा रही है
बज रही हैं तालियाँ बस आश्वासन खा रही है
नित हो रहे पैदा शिशू बस आश्वासन के लिये
र्निलक्ष्य जीवन हो गया है मात्र जीने के लिये
स्वप्न तो साकार अपने भ्रष्ट नेता कर रहा है
आस्था में आश्वासन की वतन क्यों मर रहा है
गेरूवा भी आश्वासन दे रहा है धर्म का
बन गया उपहास देखो आश्वासन कर्म का
पागलों की भीड़ में ये आश्वासन बोलता है
किस कदर मठ मन्दिरों में आश्वासन डोलता है
आंकडा जनता का अरबों से भी उपर जा रहा है
सूसुप्त है मेरा वतन बस आश्वासन खा रहा है
औखात हिन्दुस्तान की ये राजनीत जानतीे है
इसलिये तो आश्वासन के ही तम्बू तानती है
भ्रष्टता को काटने का आश्वासन मिल रहा है
विपक्ष के चेहरों में देखो नूर कैसा खिल रहा है
आश्वासन लड़ रहा है आश्वासन के लिये
दिख रहा है द्वन्द में भी फंद सासन के लिये
परदेश भी पी.एम. को पूरा आश्वासन दे रहा है
आश्वासन से मजा पी.एम. भी पूरा ले रहा है
आश्वासन के ही कारण,सब सियासी लड रहे हैं
इस देश में तो आश्वासन के कीडे पड रहे हैं
आश्वासन ही तो हम कितने युगों से पा रहे हैं
जिन्दगानी आश्वासन की ही जीते जा रहे है
लम्बी उमर है आस्था और आश्वासन पाइये
राजनीति की सफलता आश्वासन खाइये
आश्वासन राजनीति भी हमी को दे रही है
भ्रष्ट भारत -वर्ष का पूरा मजा वो ले रही है
मिल रहा है आश्वासन आग इस तूफान में
आश्वासन बिक रहा है आज हिन्दुस्तान में।।
राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा(आग)
मो09897399815
rajendrakikalam.blogspot.com
आज तो नेता से जनता आश्वासन पा रही है
राजनीति हर जगह पर आश्वासन गा रही है
आश्वासन किस तरह आधार बनता जा रहा है
राष्ट्र को तो भ्रष्टता का आश्वासन खा रहा है
गूंज है करतल ध्वनि की पागलों की बात में
विश्वास हमको हो रहा है पागलों की जात में
आश्वासन देख लो मन्दिर कहीं कश्मीर का
नेता जनाजा बन गया मेरे वतन की पीर का
अब युवा भी आश्वासन से जवानी खो रहा है
आश्वासन की जवानी से वतन भी रो रहा हेै
आश्वासन युद्व में और बेरोजगारी आड़ में
झोंकता है किस तरह नेता वतन को भाड़ में
आश्वासन के लिये दल भी सियासी बन गये
लाश पर भी आश्वासन के कफन क्यों तन गये
विडंबना है आज जनता आश्वासन पा रही है
बज रही हैं तालियाँ बस आश्वासन खा रही है
नित हो रहे पैदा शिशू बस आश्वासन के लिये
र्निलक्ष्य जीवन हो गया है मात्र जीने के लिये
स्वप्न तो साकार अपने भ्रष्ट नेता कर रहा है
आस्था में आश्वासन की वतन क्यों मर रहा है
गेरूवा भी आश्वासन दे रहा है धर्म का
बन गया उपहास देखो आश्वासन कर्म का
पागलों की भीड़ में ये आश्वासन बोलता है
किस कदर मठ मन्दिरों में आश्वासन डोलता है
आंकडा जनता का अरबों से भी उपर जा रहा है
सूसुप्त है मेरा वतन बस आश्वासन खा रहा है
औखात हिन्दुस्तान की ये राजनीत जानतीे है
इसलिये तो आश्वासन के ही तम्बू तानती है
भ्रष्टता को काटने का आश्वासन मिल रहा है
विपक्ष के चेहरों में देखो नूर कैसा खिल रहा है
आश्वासन लड़ रहा है आश्वासन के लिये
दिख रहा है द्वन्द में भी फंद सासन के लिये
परदेश भी पी.एम. को पूरा आश्वासन दे रहा है
आश्वासन से मजा पी.एम. भी पूरा ले रहा है
आश्वासन के ही कारण,सब सियासी लड रहे हैं
इस देश में तो आश्वासन के कीडे पड रहे हैं
आश्वासन ही तो हम कितने युगों से पा रहे हैं
जिन्दगानी आश्वासन की ही जीते जा रहे है
लम्बी उमर है आस्था और आश्वासन पाइये
राजनीति की सफलता आश्वासन खाइये
आश्वासन राजनीति भी हमी को दे रही है
भ्रष्ट भारत -वर्ष का पूरा मजा वो ले रही है
मिल रहा है आश्वासन आग इस तूफान में
आश्वासन बिक रहा है आज हिन्दुस्तान में।।
राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा(आग)
मो09897399815
rajendrakikalam.blogspot.com

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