पक्ष-विपक्ष-और यक्ष
अब सारे नेता चोर डाकुओं की सेवा में लगे हुये है
भाषण से तो ये लगता है, बस भारत के यही सगे है
मेरी कविता बी.जे.पी और कांग्रेस की बन जाती है
देश लूटने वालो को तो फिर भी शर्म नही आती है
व्यभिचार की खुली वकालत, सत्ता में अब भी जारी है
प्रजातन्त्र में छल,बल,कपटी डाकू ही अब तक भारी है
बुद्वि - बल्लभ,वाणी - भूषण, इनकी सेवा में अर्पण है
ये चौथा स्तम्भ देश का दिखा रहा हमको दर्पण है
पाँच साल से एक लुटेरा सबको पागल बना रहा है
राजनीति के सारे दिग्गज को कीचड में सना रहा है
जो लगता विपरीत खडे है,वही संरक्षण डाल रहे हैं
आज देश में नेताओं को गुण्डे ही तो पाल रहे हैं
साथ - साथ फोटो खिंचती है ये कैसी रिस्तेदारी है
डाकू मस्ती काट रहे हैं, खर्चे भी सब सरकारी है
पीएम,सीएम.से मिलने की अपनी तो औकात नही है
गलबाहों की तस्वीरे हैं, फिर भी कोई बात नही है
क्रिकेट का और राजनीति का तालमेल ही घालमेल है
प्रतिभायें कम,व्यभिचार का सबसेअच्छा यही खेल है
आईपीएल में मोदी है तो,कामनवैल्थ में कलमाडी है
सारे डाकू पनप रहे है ,ये प्रजातन्त्र खेती - बाडी है
क्रिकेट तो जूँवे,सट्टे का फिक्सिंग आविष्कार हो गया
राम,कृष्ण की धरती में ,क्रिकेट ही अवतार हो गया
नेता क्यों रूची लेते है,अब ये मेरी भी समझ आगया
धवल कफन जो मुर्दा है,समझो वो ही माल खागया
सुषमा,शुक्ला,वशुन्धरा की चर्चा भी तो जगजाहिर हेै
काले धन्धे में भी देखो ये श्वेताम्बर कितने माहिर है
और ना जाने कितने नेता इन पर्तो मे छिपे हुये है
कंहा - कंहा कितने ढूँढोगे माया में सब बिके हुये है
है कोई नेता जो मोदी के बाल पकड कर भारत लाये
है कोई नेता इनके किस्से खोले जनता को बतलाये
कितना भ्रष्टाचार करोगे ,मैं तो लिखता ही जाउँगा
कवि आग हूँ, व्यभिचार को निर्भयता से ही गाउँगा।।
राजेन्द्र प्रसाद बहु गुणा(आग)
मो0 9897399815
rajendrakikalam.blogspot.com
अब सारे नेता चोर डाकुओं की सेवा में लगे हुये है
भाषण से तो ये लगता है, बस भारत के यही सगे है
मेरी कविता बी.जे.पी और कांग्रेस की बन जाती है
देश लूटने वालो को तो फिर भी शर्म नही आती है
व्यभिचार की खुली वकालत, सत्ता में अब भी जारी है
प्रजातन्त्र में छल,बल,कपटी डाकू ही अब तक भारी है
बुद्वि - बल्लभ,वाणी - भूषण, इनकी सेवा में अर्पण है
ये चौथा स्तम्भ देश का दिखा रहा हमको दर्पण है
पाँच साल से एक लुटेरा सबको पागल बना रहा है
राजनीति के सारे दिग्गज को कीचड में सना रहा है
जो लगता विपरीत खडे है,वही संरक्षण डाल रहे हैं
आज देश में नेताओं को गुण्डे ही तो पाल रहे हैं
साथ - साथ फोटो खिंचती है ये कैसी रिस्तेदारी है
डाकू मस्ती काट रहे हैं, खर्चे भी सब सरकारी है
पीएम,सीएम.से मिलने की अपनी तो औकात नही है
गलबाहों की तस्वीरे हैं, फिर भी कोई बात नही है
क्रिकेट का और राजनीति का तालमेल ही घालमेल है
प्रतिभायें कम,व्यभिचार का सबसेअच्छा यही खेल है
आईपीएल में मोदी है तो,कामनवैल्थ में कलमाडी है
सारे डाकू पनप रहे है ,ये प्रजातन्त्र खेती - बाडी है
क्रिकेट तो जूँवे,सट्टे का फिक्सिंग आविष्कार हो गया
राम,कृष्ण की धरती में ,क्रिकेट ही अवतार हो गया
नेता क्यों रूची लेते है,अब ये मेरी भी समझ आगया
धवल कफन जो मुर्दा है,समझो वो ही माल खागया
सुषमा,शुक्ला,वशुन्धरा की चर्चा भी तो जगजाहिर हेै
काले धन्धे में भी देखो ये श्वेताम्बर कितने माहिर है
और ना जाने कितने नेता इन पर्तो मे छिपे हुये है
कंहा - कंहा कितने ढूँढोगे माया में सब बिके हुये है
है कोई नेता जो मोदी के बाल पकड कर भारत लाये
है कोई नेता इनके किस्से खोले जनता को बतलाये
कितना भ्रष्टाचार करोगे ,मैं तो लिखता ही जाउँगा
कवि आग हूँ, व्यभिचार को निर्भयता से ही गाउँगा।।
राजेन्द्र प्रसाद बहु गुणा(आग)
मो0 9897399815
rajendrakikalam.blogspot.com

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