मोदी की गोदी
गूजरमल मोदी का पोता भारत को उपहार मिला है
काँग्रेस हो बी.जे.पी. हो सबसे इसको प्यार मिला है
वशुन्धरा और सुषमा दोनो,दुनिया भर मे खास हो गयी
माया की भक्ति, शक्ति में राजनीति उपहास हो गयी
दुषयन्त की काया, माया व्यवसायों में फैल रही है
सारी सत्ता ललित मोदी के इर्द - गिर्द ही खेल रही हेै
सभी सियासी, काशी वाशी चरण धूलि को चाट रहे हैं
बुद्वि - बल्लभ, वाणी - भूषण तर्क सियासी छाट रहे हैं
पक्ष, विपक्षी सारे नेता ललित मोदी के खास हो गये
पोल खुली तो चरित्रवान भी भारत में उपहास हो गये
सब नेता, चमचे लगे हुये है अपनी जान बचाने में
ललित लगा है अय्यासी की लन्दन रास रचाने में
ये कटु सत्य है, राजनीति में भ्रष्टाचार पनपते आये
राजनीति ने टाटा, बिडला ,अम्बानी, मोदी पनपाये
सभी सियासी नंगे नेता, अरब-खरब में खेल रहे हैं
ये रोग भी ला - इलाज है, भारत में ही फैल रहे हैं
और ना जाने कितने डाकू इन खेलों को खेल रहे हैं
भारत माता हम गरीब है, हमी इन्ही को झेल रहे हैं
राजनीति में चरित्रवान के संरक्षण से ये पलते हैं
भारत - भाग्य-विधाताओं के कू-कर्मो से घर जलते हेैं
पारिवारिक समबन्धों में, राजनीति के तटबन्धो में
लूले लगडों के कन्धो में ,इस भारत के जयचन्दो में
सत्ता की इन दुर्गन्धों में, काली माया के धन्धो में
चोरों में भी चतुर सुजान है, मोदी मेरे इन छन्दो में
कुछ ही तोते बचे हुये है, जो चैनल में चहक रहे हैं
जितनी चाबी भरी राम ने उतना ही वो बहक रहे हैं
दुखः होता है भ्रष्टाचारी चरित्र वान जब बन जाते हैं
अंगारो में जले - भूने बस, कवि आग कविता गाते हैं।।
राजेन्द्र प्रसाद बहु गुणा(आग)
मो0 9897399815
rajendrakikalam.blogspot.com
गूजरमल मोदी का पोता भारत को उपहार मिला है
काँग्रेस हो बी.जे.पी. हो सबसे इसको प्यार मिला है
वशुन्धरा और सुषमा दोनो,दुनिया भर मे खास हो गयी
माया की भक्ति, शक्ति में राजनीति उपहास हो गयी
दुषयन्त की काया, माया व्यवसायों में फैल रही है
सारी सत्ता ललित मोदी के इर्द - गिर्द ही खेल रही हेै
सभी सियासी, काशी वाशी चरण धूलि को चाट रहे हैं
बुद्वि - बल्लभ, वाणी - भूषण तर्क सियासी छाट रहे हैं
पक्ष, विपक्षी सारे नेता ललित मोदी के खास हो गये
पोल खुली तो चरित्रवान भी भारत में उपहास हो गये
सब नेता, चमचे लगे हुये है अपनी जान बचाने में
ललित लगा है अय्यासी की लन्दन रास रचाने में
ये कटु सत्य है, राजनीति में भ्रष्टाचार पनपते आये
राजनीति ने टाटा, बिडला ,अम्बानी, मोदी पनपाये
सभी सियासी नंगे नेता, अरब-खरब में खेल रहे हैं
ये रोग भी ला - इलाज है, भारत में ही फैल रहे हैं
और ना जाने कितने डाकू इन खेलों को खेल रहे हैं
भारत माता हम गरीब है, हमी इन्ही को झेल रहे हैं
राजनीति में चरित्रवान के संरक्षण से ये पलते हैं
भारत - भाग्य-विधाताओं के कू-कर्मो से घर जलते हेैं
पारिवारिक समबन्धों में, राजनीति के तटबन्धो में
लूले लगडों के कन्धो में ,इस भारत के जयचन्दो में
सत्ता की इन दुर्गन्धों में, काली माया के धन्धो में
चोरों में भी चतुर सुजान है, मोदी मेरे इन छन्दो में
कुछ ही तोते बचे हुये है, जो चैनल में चहक रहे हैं
जितनी चाबी भरी राम ने उतना ही वो बहक रहे हैं
दुखः होता है भ्रष्टाचारी चरित्र वान जब बन जाते हैं
अंगारो में जले - भूने बस, कवि आग कविता गाते हैं।।
राजेन्द्र प्रसाद बहु गुणा(आग)
मो0 9897399815
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