Thursday, June 11, 2015

                     फर्जी-अवतरण
फर्जी प्रमाण सियासत  में अब भारत भाग्य विधाता है
फर्जी  हथकण्डों  से  नेता  जनमत से चुनकर आता है
फर्जी  शब्दो   के  सौदागर, शब्दों   में   शब्द  गढाते है
ये  राजयोग   है  भारत   के, फर्जी  प्रारब्ध  से आते है

प्रमाण  प्रतिभा  का   केवल,  भारत  में  शिक्षा देती है
भारत की  शिक्षा - दीक्षा तो सत्ता  की  सियासी खेती है
ये  प्रश्नचिह्न  इतिहासों  में अब कितना और लगाओगे
फर्जी प्रमाण  के  पत्रों से,प्रतिभा को  कब तक खाओगे

फर्जी प्रमाण  चिकित्सा  के  हर  शहर गाव  में जारी है
फर्जी निर्माण, नियन्ता  के  भारत में अब तक भारी है
फर्जी आई.ए.एस. भारत में  जगह-जगह  अधिकारी है
बाबू,  चपरासी   ढूँढोगे   तो   थोक    में   मारामारी है

फर्जी  संस्थाए  फाइल  में,जगह -जगह  मिल जायेगी
सडक,  गूल   और  नहरें  भी  ढूँढो  तो  फर्जी आयेंगी
ट्रस्ट, भ्रष्ट  भी  नकली  हैं, औकात  धर्म की  कहते हेैं
ये  फर्जीवाडा  भारत  में  हम  सात  दशक से सहते हैं

आधे  से  ज्यादा  नेता  भी   फर्जी   डीग्री  से  आते हेै
ये भ्रष्ट व्यवस्था  भारत  की सब राजनीति  सौगाते है
शिक्षा,शिक्षक,सत्ता, सस्था, सिद्याान्त सभी सरकारी हैं
ये चमत्कार  है  भारत  का, नकली,असली से भारी है

ये राजनीति की फितरत है  गलती महसूस नही करते
ये सभी सियासी मुर्दे है,किंञ्चित अफसोस नही करते
हर  कोर्ट, कचहरी  मुर्दाे   के  गुर्दो  में  खून  चढाती है
इस प्रजा - तन्त्र  में गन्ध हमेशा सढे शवो से आती है

इन  अर्जी - फर्जी  कर्मो  से संदिग्ध  धर्म बन जाता है
झगडों में  मन्दिर, मस्जिद  का  फर्जीवाडो से नाता है
फर्जी  खून, जूजूनो  का नस-नस  में  सबकी बहता है
मजबूर  आग  भी शब्दो  से फर्जी कविता ही कहता है।।
                   राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा;आग
                         मो09897399815
              rajendrakikalam.blogspot.com

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