Thursday, July 7, 2016

सियासत में भगवान
आम फलो का राजा है, राम दलों का राजा हेै
राजनीति मे हिन्दू,मुस्लिम नेताओं का खाजा हेै
यू.पी.में तो जन्म भूमि का घाव अभी तक ताजा है
अब आम तो बारह महीने बस बोतल में माजा है

राजनीति की मण्डी में ये हर सीजन में दिखते हैं
बजारो के शेयर भावों में ही दोनो बिकते हैं
चौराहों पर भक्त - मण्डली गीत इन्ही के गाती हेै
दोनो की कीमत भक्तों को सत्ता तक पहुंचाती है

बन्द पेटी में समय से पहले दोनों ही पक जाते हैं
हर चूनाव में दोनो अपनी करूण-कथा बक जाते हैं
नेता इनको चूस-चूस कर हम प गुठली फेंक रहे हैं
साठ साल से हम गुठली में राम राज को देख रहे हैं

इन दोनो की ठेकेदारी हिन्दू, मुस्लिम ही करते हैं
इन दोनो झगडो में तो फुटकर क्रेता ही मरते हेैं
बडे - बडे व्यापारी नेता केवल बोली बोल रहे हैं
अल्लाह,ईश्वर की औकाते अपने ढंग से खोल रहे हेैं

भगवानों को हिन्दू,मुस्लिम की नश्लों का पता नही है
नीचे मन्दिर, उपर गुम्बद राजनीति है, खता नही है
अपने-अपने अल्लाह,ईश्वर को हम ही नंगा करते हेैं
राष्ट्र - भक्ति की अभिव्यक्ति से धर्माे में पंगा करते हैं

इन झगडों में बोट-बैंक के कौम-कबीले बंट जाते हैं
सम्प्रदाय ,मजहब के नेता झगडो से रोटी खाते हैं
मन्दिर,मस्जिद राजनीति में कोई सारोकार नही है
नेताओ को अल्लाह, ईश्वर से भी कोई प्यार नही है

आज देश में मन्दिर,मस्जिद से ज्यादा रोटी प्यारी है
बे-रोजगारी, मंहगायी की जगह-जगह मारा-मारी है
जनता का जब पेट भरेगा, अल्लाह ,ईश्वर सब गायेगे
जब हृदय मे भाव जगेगा, मन्दिर, मस्जिद बनजायेगे

कवि आग हूँ,कटु सत्य को व्यंग भाव से कह जाता हूँ
अल्लाह, ईश्वर के चेलों की,कविता में गाली खाता हूँ
सच्चाई को कर्कस शब्दो से कहना भी मजबूरी है
कविताओ से चोट लगे तो, वही आग की मजदूरी है।।
राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा;आग
मो09897399815
rajendrakikalam.blogspot.com

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