Tuesday, July 12, 2016

अगर सत्य है तो ऱचना को आगे बढाएं।

भारत की राजनीति
एक गर  गोविन्द है  तो अन्य कई शिशूपाल हैं
इस   अजूबे  देश   का    ये   राजनैतिक  हाल है
हर  कारवाॅं बतला रहा है धर्म की  औकात को
फुटबाल बनकर पढ़गया कुछ हाथ को कुछ लात को
 
नेता    बने   हर   धर्म   की   टीम   के   कप्तान  हैं
पल  में  लय पल  में प्रलय  ये कलयुगी  भगवान  हैं
अब तो  बस  इतना  ही  सोचो  धूल  में ना फूल  दो
धर्म  को  बस   धर्म  समझो  बे  वजह  ना  तूल  दो

नयी नश्ल का उपयोग होता है सियासतदार से
लुट रही है सल्तनत क्यों आज भी गद्दार से
क्यों मर रही है कोैम हिन्दुस्तान की चोराहे में
क्यों पनपती हैे जवानी ,इस राजनीति साये में

इनको  हमारी  क्या  पढी. लेटे  हैं  सूखी  घास  पर
हर तन में लगती आग है सिकती है रोटी लाश  पर
फिर  दिखाते  हैं  दया ,  मजहब, मरा   इन्सान है
अब  तो  समझ  से  है  परे  क्या, खुदा भगवान  है

चल रही हैं चैनलों पर चम - चमाती गालियां
बह रही हैं राजनितिक गन्दगी की नालिया
हिन्दू,मुस्लिम,सिक्ख,इसाई से सियासत होरही है
मां भारती सत्ता, सियासत का कबाडा ढो रही है

आदमियत्  सढ  गयी  धर्मान्धता  के  भाव  से              
हर  लब्ज  उल्टा  पढ़ गया   इस्लाम के  प्रभाव से
देश   का   नेता   बिका  आदर्श   भी  बिक  जायेगा
हर  धरम्  की   धृष्टता  को आग लिखता जायेगा ।।
राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा;आग
मो09897399815

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