चेतावनी
क्यों भारत के हाथों ही मरना चाहते हो
दुनियाँ जूते मार रही तुम क्यों खाते हो
क्या शर्म नही आती आतंकी पाल रहे हो
जहन्नुम में इस्लाम धर्म क्यों डाल रहे हो
खाने को भोजन, रहने को घरबार नही है
एक मजहब है,पर आपस में प्यार नही हैै
सिया,सुन्नी में भी, खूनी संग्राम मचा है
क्या कूरान ने , धर्म नही, जेहाद रचा हेै
भीख माँग कर जीवन में कितना खाओगे
चीन ,अमेरिका के गाने कब तक गाओगे
जिसने तुमको पाला वोे सब जान गये हेैं
गिरी हरकतो से तुझको पहचान गये हैं
तू मरा,गिरा है,पर पडोस में खडा हुआ हेेै
तू मेरे सामने भीख माँग की बडा हुआ हेै
मेरी जमीन में तू मुझ पर ही भौंक रहा हेै
क्यों अपने मुर्दे काशमीर में झौंक रहा हेै
दो-तीन युद्व तू हमसे पहले खेल चुका हेै
भारत की ताकत,तू मरकर झेल चुका हेै
पाकिस्तानी मुर्दे, भारत कब तक ढोयेगा
तू लाहौर,कराँची, रावलपिण्डी भी खोयेगा
बस, मै आखरी बार तुझे समझाने आया
अगर भूल से ,काशमीर का गाना गाया
अस्तित्व तेरा, मानचित्र से मिट जायेगा
अब भारतवाशी गीत आग के ही गायेगा।।
राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा ;(आग)
मो09897399815
rajendrakikalam.blogspot.com
क्यों भारत के हाथों ही मरना चाहते हो
दुनियाँ जूते मार रही तुम क्यों खाते हो
क्या शर्म नही आती आतंकी पाल रहे हो
जहन्नुम में इस्लाम धर्म क्यों डाल रहे हो
खाने को भोजन, रहने को घरबार नही है
एक मजहब है,पर आपस में प्यार नही हैै
सिया,सुन्नी में भी, खूनी संग्राम मचा है
क्या कूरान ने , धर्म नही, जेहाद रचा हेै
भीख माँग कर जीवन में कितना खाओगे
चीन ,अमेरिका के गाने कब तक गाओगे
जिसने तुमको पाला वोे सब जान गये हेैं
गिरी हरकतो से तुझको पहचान गये हैं
तू मरा,गिरा है,पर पडोस में खडा हुआ हेेै
तू मेरे सामने भीख माँग की बडा हुआ हेै
मेरी जमीन में तू मुझ पर ही भौंक रहा हेै
क्यों अपने मुर्दे काशमीर में झौंक रहा हेै
दो-तीन युद्व तू हमसे पहले खेल चुका हेै
भारत की ताकत,तू मरकर झेल चुका हेै
पाकिस्तानी मुर्दे, भारत कब तक ढोयेगा
तू लाहौर,कराँची, रावलपिण्डी भी खोयेगा
बस, मै आखरी बार तुझे समझाने आया
अगर भूल से ,काशमीर का गाना गाया
अस्तित्व तेरा, मानचित्र से मिट जायेगा
अब भारतवाशी गीत आग के ही गायेगा।।
राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा ;(आग)
मो09897399815
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