Friday, April 1, 2016

दोषी कौन?
सात माह का बच्चा पैदा करने वाले
लावारिस जिसको भी चाहे बाप बनाले
उत्तराखण्ड का भ्रूण गर्भ मे चिल्लाता है,
राजनीति, का भूत शिशू को क्यों खाता है

लावारिस के वारिस देखो, चौराहों पर,
अधमरे शिशू को सभी , समेटे है बाॅंहो पर
सोलह वर्ष में आठ बाप हमने झेले हैं,
इस अय्यासी के यौवन से हम भी खेले हैैं

राजनीति में अफरा - तफरी कैसे आयी
काट रहे हैं बकरे देखो खटिक कसाई
केन्द्र - समर्पित होता तो नेता ही मरते
सडक छाप क्यो उत्तराखण्ड में आज पसरते

अब तो मरने वाले भी क्या सोच रहे हैं
अपने कफन से अपने आॅशू पोछ रहे हैं
चौराहों पर प्रतिमायें क्यों चिल्लाती हैं
असुरों की ,इस देवभूमि में, क्यों ख्याति है
गाॅव बसाने से पहले भिखमंगे छाये
पिता बडोनी अपने पुत्रों से शर्माये
ना समझी के संघर्शो ने राज बनाया
देव - भूमि को , दिल्ली वालो ने ही खाया
नेताओं के फारम हाउस बन जाते हैं
जाॅच कराओ ,कंहा से ये पैसे आते हैं
सारी माया परिवारो मे बंटी पढी है
नई पीढी क्यो चौराहो पर आज खडी है
गंगा का जल झीलों में क्यों रूका हुआ हेै
क्यों भारत का भाल,शर्म से झुका हुआ है
राजनीति का, क्या इस पर चिन्तन होता है
ये शिखर सदा से मुर्देा काे ही क्यों ढोता है

समय आ गया जागो, उत्तराखण्ड बचाओ
पानी और जवानी अब ना और बहाओ
नई पीढी क्यों भटक रही दाने - दाने को
उत्तराखण्ड मोहताज खडा इज्जत पाने को
ठाकुर ही ठाकुर को देखो काट रहा है
अब इलाहबाद का संगम गंगा चाट रहा हेै
ये राम भक्त आसक्त सियासत देख रहे है
कांटे मे आटा चिपका कर फेंक रहे हैं

लावारिस सत्ता की चटनी चाट रहे हैं
इस उत्तराखण्ड मे तो नंगो के ठाट रहे हैं
प्रताजन्त्र है न्यायालय की आज शरण में
कवि आग ये उत्तराखण्ड है आज ग्रहण में।।
राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा(आग)
मो0 9897399815
rajendrakikalam.blogspot.com

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