Saturday, April 2, 2016

अघोसित-युद्ध
झण्डे बदलो , डण्डे बदलो, राजनीति हथकण्डे बदलो
मस्जिद, गुरूद्वारों, चर्चों में, केवल साधू, पण्डे बदलो
राम नाम की माला पहनो, गलबाहों के गण्डे बदलो
वन्दे मातरम बोलो भैय्या, जन-गण-मण के फण्डे बदलो

अस्त्र बदलदो,त्रस्त बदल दो,मजहब के अभ्यस्थ बदल दो
केवल भारत में हिन्दू हों, धर्मो के सब त्रस्त बदल दो
मुल्ला और नमाजी काजी पकडो इनके वस्त्र बदल दो
अगर देश मे रहना हो तो,हर मजहब के मस्त बदल दो

देश भी बदलो,भेष भी बदलो, भारत में अखिलेष भी बदलो
प्रतिमाएं, प्रतिभाएं छोडो बदल सको अवधेश को बदलो
न्यायालय में जन्म-भूमि के पडे हुये सब केस भी बदलो
जो राम को नही मानते, पकडो उनके फेस को बदलो

ये सारे झण्डे दूर करो अब राजनीति में भगवा लाओ
आशा बापू, ललित मोदी और माल्या जैसे ठगवा लाओ
अब पूरे देश की वर्दी बदलो ,केवल गेरू झगवा लाओ
दुनिया भर में मधूकरी के सभी निठल्ले अगुवा लाओ

राजनीति के दलको बदलो, अवरोधी कल-कल को बदलो
कूटनीति से छल को बदलो, अपनी भी हलचल को बदलो
गंगा,यमुना का जल बदलो,कमल में कीचड का तल बदलो
अपने अन्दर का मल बदलो ,शब्द विषैले पल-पल बदलो

राम,कृष्ण, महावीर,बुद्व भी इस भारत को बदल ना पाये
ईशा, मूषा, अल्लाह ने भी अपने - अपने गाने गाये
छल, कपटी, व्यभिचारी सत्ता, अपना सिक्का चला रही है
कवि आग की इस भट्टी मे मानवता को जला रही है।।
राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा(आग)
मो0 9897399815


rajendrakikalam.blogspot.com

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