Wednesday, April 20, 2016

शक्ति की भक्ति
हे शक्तिमान तू राजनीति को राण्ड बनाकर चला गया
उत्तराखण्ड के नेताओं को भाण्ड बनाकर चला गया
मरते-मरते स्वंय मौत को काण्ड बनाकर चला गया
तू घोडा था,पर गधे सियास ब्राण्ड बनाकर चला गया

कांग्रेस के ठाकुर ने भी तुझ पर पुष्प चढाये हेैं
बी.जे. पी. ने तेरी मौत पर भजन शोक के गाये हेै
तेरी शव - शैय्या पर नेता जांच बिठाना चाहते हेैं
अब उत्तराखण्ड के सारे नेता शक्ति - चालीसा गाते हेैं

जोशी जी के कारण घोडों की किस्मत भी सुधर गयी
निकृष्ट जीव समझा था जिसको,सबकी दृष्टि उधर गयी
तू उत्तराखण्ड के वीर सपूतों मे शहीद कहलायेगा
राजनीति का हर खच्चर अब भजन सियासी गायेगा

तेरी पुण्य तिथी पर नेता अश्व - मेध यज्ञ करवायेगे
अब तेरा मुद्दा राजनीति में लेकर सब गर्मायेगे
तू बोट -बैंक है उत्तराखण्ड का, ये सम्मान जरूरी है
तू घोडा था, पर टट्टू ,खच्चर की भी ये मजबूरी है

तू तुरंग था, राजनीति की जंग जगा कर चला गया
तू पशुपति था, नेताओं पर रंग लगा कर चला गया
अब पुलिस छावनी, सैनाएं भी तेरा भजन सुनायेगी
तेरी प्रतिमाओं को, प्रतिभायें भी अंक लगायेंगी

तू घोडा था पर तूने सारे गधे ठिकाने लगा दिये
हे पशुपति, हे पंर श्रेष्ठ, मुर्दे भी तूने जगा दिये
हे शक्तिमान तू उत्तराखण्ड का गौरव पंर विधाता हेै
कवि आग भी तुरंग श्रेष्ठ तुझ पर ये कविता गाता है
राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा (आग)
मो0 9897399815
rajendrakikalam.blogspot.com

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