Thursday, March 10, 2016

डाकू के काकू
पहले मोदी,अब माल्या फरार हो गया
चोर,डाकुओं से नेता को प्यार हो गया
सत्ता अब बीहड के डाकू पाल रही है
भारत माता इसिलिये कंगाल रही है

माल्या, मोदी दोनो लन्दन घूम रहे हैं
राष्ट्रभक्त भी चरण उन्ही के चूम रहे है
अय्यासी ही देश की दौलत चाट रही है
ये राजनीति घर बैठे कद्दू काट रही है

दोनो ने क्रिकेट को पूरा प्यार दिया है
जूँवे,सट्टे का हमको हथियार दिया है
टी-ट्वन्टी में नंगी नारी खूब नचायी
राजनीति के मुर्दो ने भी ली अंगडायी

कांग्रेस ,बी. जे. पी. दोनो नाच रहे थे
माल्या,मोदी हर हरकत को बांच रहे थे
मजा लिया आओ दोनो मिलकर झेलो
नूरानी कुस्ती संसद में दोनो खेलो

इन्द्रपुरी के ये दोनो अवतार रहे हैं
राजनीति से जुडे सभी के तार रहे हैं
नेताओ ने अय्यासी का लुफत उठाया
लूट रहे थे सारे मिल कर,काया,माया

देश को धोखा देकर दोनो ही भागे हैं
कुछ नेता इनके पीछे है, कुछ आगे हैं
राज्यसभा में धनबल से चुनकर आते हैं
प्रजातन्त्र के मन्दिर की ये औकाते हैं

पुलिस,मिलिट्री,सी.बी.आई फेल होगयी
चोर, डकैती, गुण्डा गर्दी खेल हो गयी
आज सुरक्षा हमसे भिक्षा मांग रही है
संविधान को चौराहे पर टांग रही है

पक्ष, विपक्षी तर्को को ही ढूंढ रहे हैं
प्रजातन्त्र को अपने ढंग से मूंड रहे हैं
ये सारे नाई राजनीति के खास होगये
डाकू, नेता, उद्योगी अय्यास हो गये

बैंक लोन भी डाकू को ही बांट रहा है
भारत में उद्याोगपति का ठाट रहा है
हम जैसे नंगे यही सोच कर मर जाते है
कवि आग भी रो-रो कर कविता गाते है।।
राजेन्र्द पऱ्साद बहुगुणा(अाग)
9897399815
rajendrakikalam.blogspot.com

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