Saturday, July 11, 2015

                        देश की इच्छा          
इस राजनीति  के  टुच्चेपन  से जग  में मान नही होगा
अब तक जो कुछ भी  झेला ,उसका  गुणगान नही होगा
दो  देश  के नेता  मिलने  से  भारत उत्थान  नही होगा
अस्तित्व मिटादो धरती से तब तक सम्मान नही होगा

फौजों की हिम्मत टूट चुकी ,इन  राजनीति फरमानो से
सरहद के सिपाही व्याकुल हेैं,बे-मतलब मरती जानो से
कितने  वीरों  की लाशों को  इस  राष्ट्र-ध्वजा  से ढोओगे
बे-मौत हमें  मरवा  करके  सरहद  पर कब तक रोओगे

या  तो आदेश करो  हमको, या  खुद  रस्ते से हठ जाओ
राष्ट्र - भक्ति  की  शक्ति  को  आसक्ति  से अब  ना खाओ
सुन्दर - सुन्दर शब्दो  से  दुश्मन  पर   वार  नही  होता
नासूरों   को  सहलाने   से  तन  का उपचार  नही  होता

सरहद  के  फौजी  वीरों   में  संग्राम   की  इच्छा  पूरी हेेै
जो  लुटा  दिया  था गलती  से, वो  पाकिस्तान जरूरी है
भारत  माँ  की   रोटी   का   अब   तृष्कार   नही   होगा
आतंकी, मजहब,मदरसो  का,धोखा   इस बार नही होगा

भारत का हिन्दू, मुस्लिम भी ,तैय्यार  खडा है लडने को
हर मजहब, कौम, कबीला भी, लाचार  खडा है अडने को
अब भारत माँ  के  बच्चों  का  फरमान  कहर बरपायेगा
अब  कूरान का  फतवा  ही,  आतंक - वाद   को  खायेगा

कब  तक  हाथ  मिलाओगे   इस  कूटनीति  के  साये में
अब कब   तक  लाशें फूकोगे  हर  गली - गली  चौराहे में
नेता   के   आने - जाने   से   भारत  विस्तार  नही होगा
सत्ता का  और  सियासत  का  धोखा  इस  बार नही होगा

कुरू-क्षेत्र   महाभारत  का  अब  सरहद   के  पार बनायेंगे
राष्ट्र - गीत  हम  भारत  का , काबुल, कान्धार  में गायेंगे
बस  राजनीति  की   बाधाएं, थोडा  सा  पथ  से हठ जाये
कवि आग  की   लपटों  में, बस  पाकिस्तान सिमट जाये।।
                 राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा ;(आग)
                         मो09897399815
              rajendrakikalam.blogspot.com

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