Wednesday, June 1, 2016

                       हालात खराब हैं
कांग्रेस के अपशिष्ठों पर लिखने का कुछ सार नही है
बी.जे.पी. का कमल खिला पर भौरों का श्रृंगार नही है
शिव सैना,बजरंगी,संघी का आपस में प्यार नही है
क्षेत्र,प्रान्त की राजनीति में राष्ट्रभक्ति संस्कार नही है

कम्युनिष्ट और सपा.,बासपा,की बुनियादें हिली पडी हैं
ममता,जयललिता की थोडा कुछ कलियां ही खिली पडी हैं
लालू और नीतीश कुमार की बुनियादें  भी छिली पडी हैं
भारत माता टुकडो-टुकडो,टल्लो में ही सिली पडी है

राजनीति में छल,कपटों की लपटों के अम्बार लगे हैं
व्यभिचारी नेता के पीछे,चमचे इज्जतदार लगे हैं
बाहर से सब सहिसुष्ण हेै,भीतर सब खूंखार लगे हैं
राजनीति  विपरीत खडी है, अन्दर सबके तार लगे हैं

उद्योगपति,व्यवसायी सारे राजनीति से ही पलते हैं
भ्रष्टाचारी,नेताओं के पग-चिन्हो पर सब चलते हेैं
दुनियाभर के चोर,उचक्के, इनकी छाया में जीते हैं
हिन्दू,मुस्लिम,सिक्ख,ईसाइ खून सियासी ही पीते हैं

नगर पालिका ,पञ्चायत में इनका  प्रशिक्षण जारी है
शहर,गाँव के सभी लफंगे,जनमत,जनता पर भारी हैं
कुछ समाज के टुच्चे,लुच्चे,सेवा संस्था के माहिर हेैं
ये छंटे छंटाये सारे डाकू,खादी कुर्त्ते जग जाहिर है

जोगी,जंगम,योगी साधू,मिर्च,मशाला बेच रहे हैं
ये भी अपने ढंग से मां के चीर हरण को खेैंच रहे हैं
राम,कृष्ण,महावीर,बुद्व की औलादें सब भटक रही हैं
अल्लाह,ईशा,मूसा को ,उनकी ही नश्लें सटक रही हैं

मजहब हो या सम्प्रदाय हो,लिखने को कुछ शेष नही है
राष्ट्र भक्ति पर मरने मिटने वाले  अब अवशेष नही हेै
जिसको देखो,वही देश की इज्जत खुल कर लूट रहा हेै
कवि आग भी कविताओं से केवल मिट्टी कूट रहा है।।
                   राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा(आग)
                             9897399815
                rajendrakikalam.blogspot.com

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