Tuesday, June 14, 2016

गांधी की आंधी
कांग्रेस में राहुल गांधी, बी.जे.पी. में तरूण वरूण है
इधर सोनिया,उधर मेनका ,दोनो दल की कथा करूण हेै
बी0जे0पी0 भी कांग्रेस के कुछ लावारिस पाल रही है
राष्ट्र-दोह के खलनायक में , राष्ट्र - भक्ति खंगाल रही है

रामा दल में सभी विभीषण राम-राम कह खप जाते हैं
प्रजातन्त्र में लक्ष्मण रेखा कालनिमी भी टप जाते हैं
जितना बडा लफंगा, उतना वाणी - भूषण कहलाता है
भेष बदलना रावण लीला,खर - दूषण को भी भाता है

गांधी-वाद को साफ करेंगे, पर गांधी के साथ खडे हैं
बापू तेरे बन्दरो के भी अपने - अपने अलग धडे हैं
गांधी,नेहरू और सूभाष बिन,नेता की औकात नही है
केवल नाम सहारा है बस, राजनीति में बात नही है

भारत मां की जय बोल कर चीर हरण में लगे हुये हेैं
पागल जनता सोच रही है ,ये सारे नेता जगे हुये हैं
कौम,कबीले,सम्प्रदाय और मजहब को सब काट रहे हैं
हिन्दू,मुस्लिम,सिक्ख,ईसाइ कफन सियासी छांट रहे हैं

हर चुनाव में कफन-दफन के मुद्दे जिन्दे हो जाते हेैं
सब कब्रिस्तानो से मुर्दो के मुद्दो को चुन कर लाते हेैं
काशमीर, मथुरा, कैराना, नेता को कण्ठस्थ हो गया
सारे मुद्दे गौण हो गये, वैमनस्यता दाग धो गया

मंहगायी, भुखमरी गरीबी पर नेता का ध्यान नही हेै
इस नंगी,भूखी जनता का भी सत्ता में सम्मान नही हेै
बे - रोजगारी फैल रही है ,अहिसुष्णता के दामन में
रामलला की आस लगी है कुम्भ करण में और रावण में

नेता का इतिहास उठाओ हर भाषण में एक मिलेगा
चाल,चरित्र,और चेहरा सबका गौर से देखो एक मिलेगा
प्रजातन्त्र में पक्ष - विपक्षी भारत मां को काट रहे हैं
आज रेवडी सारे अन्धे अपनो को ही बांट रहे हेैं

अलग अलग बोतल हैे सबकी,मदिरा सब में एक भरी है
इन नैेतिकवादी नेताओ से भारत माता सदा मरी हेै
झूठ,कपट,छल करने वालों भारत को कितना खाओगे
कवि आग की कविता पढ कर ,बे-शर्मो कब शर्माओगे।।
राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा (आग)
मो0 9897399815
rajendrakikalam.blogspot.com

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