Sunday, April 5, 2015


                    पाक मेें ताक
य़े पाकिस्तान  अपना  है  पराया  क्योें बताते हैं
हम घर के ही बच्चो से,क्यों इतना खोप खाते हैं
जिन्ना के करम बिगडे,इन्हे   हम छोडकर आये
भारत  ने  अमन पकडा, इन्हे  आतंक  ही भाये
पूरी  दुनियाँ  में  नंगे हैं, फतवे  फिर भी गाते हैं
ये पाकिस्तान  अपना  है  पराया  क्योें बताते हैं

कंही जिन्ना,कंही जिया, मुर्सरफ, अब नवाजी है
ये वो सांप है जालिम गले मिल कर भी पाजी है
कुरानो  की  ही  आयातों  से नर  संहार करते हेै
ये  कैसा  धर्म  है इनका बिना  मौतो के मरते हेै
इन  कीडों  के  लावारिस  बच्चे   बिलबिलाते हैं
ये पाकिस्तान  अपना है पराया   क्योें  बताते हैं

हमें  मालूम  है इनका, कंहा तक कितना दौडेगें
भीडो  में  शरीफो   का   लहु  कितना  निचोडेगें
भीखों  में  मिला  विस्फोट  कितना और ढोयेगें
अब हरकत  बताती  है, से जालिम और  रोयेंगें
ये  छिपकर  मारने   वाली  सदा  नामर्द घातें हैं
ये पाकिस्तान  अपना  है  पराया क्योें  बताते हैं

अपने घर की मस्जिद में, बम फुटते ही रहते हैं
हिम्मत  है दरिन्दो की कफन दरिया में बहते हैं
बियाबानो  में  मौतो  का सदा  अभ्यास होता हेै
ये पाकिस्तान का  मुर्दा,क्यों कब्रिस्तान ढोता है
किस मूँह  से  मेरे  घर  की ये रोटी रोज खाते हैं
ये पाकिस्तान  अपना  है ,पराया  क्योें बताते हैं

अरे नंगो,समय को देख कर थोडा संभल जाओ
सांपो की  तरह अपने  संपोला को तो ना खाओ
इन्हे भी हक है जीने का,इन्हे बे-मौत मत मारो
सबक  सीखो  जमाने  से  हे, ना  पाक गदृदाारों
मेरे  घर  के  तुम्हारे  से अभी भी  रिस्ते नाते हेै
ये पाकिस्तान  अपना  है पराया   क्योें बताते है

हम  तो दूघ सांपो  को भी  उत्सव में पिलाते हैं
कौव्वे , चील, गीद्धों   को  हम  रोटी  खिलाते हैें
हमारे  देश  में  कुत्ते  भी   वफादारी  से  जीते हेेैं
गले उनसे भी मिलते हैं,जो हमारा  खून पीते हैं
सुनेगे  आग  की  बातें,अगर आदम की जाते है
ये पाकिस्तान  अपना  है पराया  क्योें बताते है।।
           राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा(आग)
                 मो09897399815
     rajendrakikalam.blogspot.com

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