Monday, April 6, 2015

                    भारत की आदर्शता
हवा  में  उडते  देख   तिरंगे  को  भी  नही  गॅंवारा था
शब्द  हवा   में  गूॅंज  रहा   है  पाकिस्तान  हमारा था
महाभारत  में  कान्धार, काबुल  तक   राष्ट्र  सहारा है
प्राचीन  में  चीन   शिवालय   वो   कैलाश    हमारा है
छोटे - मोटे  देशों  का  दुनियाँ  में  कोई  धाम नही था
भूमण्डल  में  अमरीका  जैसा  भी कोई नाम नही था
मानवता  की  हर  भूमि  पर  कब्जा  कभी हमारा था
शब्द  हवा  में  गूॅंज   रहा  है   पाकिस्तान  हमारा था

चन्द्रगुप्त, कौटिल्य  काल  से  पूरा  पश्चिम पलता था
चाणक्य  की  प्रतिभा के, भय से ये राष्ट्र संभलता था
हिन्दू, मुश्लिम, सिक्ख,इसाई एेसी कोई जात नही थी
मानवता में  भेद भाव की राजनीति जज्बात नही थी
व्यभिचार  के  घनानन्द  का  शूल  मूल  से काटा था
राष्ट्र -द्रोह  में  मृत्यु-दण्ड से जन जन में सन्नाटा था
सत्ता और  सियासत  में  भी सत्य सनातन नारा था
शब्द  हवा  में  गूॅंज  रहा   है  पाकिस्तान   हमारा था

जनकपुरी   की  माता  सीता  गान्धार  की  गान्धारी
अमरीका पाताल मकरध्वज  की  नगरी कैसी न्यारी
भानू  का  भक्षक  बजरंगी  पवन  पुत्र   कहलाता था
इतिहास गवाह है स्वर्ग मोक्ष का रधुवंश  से नाता था
दुर्वाशा  की   सृष्टि   संरचना  शौर्य ,शास्त्र  बतलाते हैं
भू-मण्डल  के  चक्रवती  को   वेद  पुराण  भी गाते हैं
सारी  दुनिया  इस  भारत का छोटा सा  गलियारा था
शब्द  हवा   मे  गूॅंज  रहा  है  पाकिस्तान  हमारा  था

चारों युग ,नक्षत्र, वेद ,ग्रह, ज्योतिष  शास्त्र  हमारा है
स्वर्ग,मोक्ष की कठिन  कल्पना ,आविष्कार  हमारा हेै
नटराज के डमरू  नाद  से  सिद्यान्त  कौमुदी आती है
अभिव्यक्ति उस पार्णिनि की  वेद  ऋचा  समझाती है
कालिदास  और  भतृहरि  की   अलंकार  की  भांषा है
सरल  शब्द  से  तुलसी ,मीरा  और   कबीर तरासा है
संस्कृत सब भांषा की जननी   वेद, शास्त्र का नारा था
शब्द  हवा  में  गूॅंज  रहा  है   पाकिस्तान  हमारा  था

दुनिया भर के सभी राष्ट्र की नजरें हम पर गढी हुयी हैं
भोग,विलास की दुनिया भी भारत में क्यों पडी हुयी हेै
अवतारों  की  श्रेष्ठ  श्रृंखला  भारत  में ही  क्यों होती है
हिजबुल,नक्सल,माओवादी,भारत माता  क्यों ढोती है
चोर,लुटेरों से भी लुटकर भी भारत सबको पाल रहा है
सरहद के टुच्चे स्वर  सुनकर  देख रहा  है टाल रहा है
मौन  शब्द   सब  चीर  रहा था, कैसा अस्त्र  करारा था
शब्द   हवा   में  गूॅंज   रहा   है पाकिस्तान  हमारा था
              राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा(आग)
                      मो09897399815
          rajendrakikalam.blogspot.com    

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