होशियारी
आरोप लगाने वालो ने तो आरोप लगाकर छोड दिया
अरूण जेतली, अमित शाह ने नया मशाला जोड दिया
क्या जरूरत थी चौराहों पर मार्क-शीट दिखलाने की
क्या जरूरत थी पी.एम. मोदी के भजनो को गाने की
ऐसी टुच्ची हरकत से प्रतिभा का मान नही होता
हल्की-फुल्की हरकत से सत्ता सम्मान नही होता
राजनीति के अनुभव से ही तन्त्र चलाया जाता है
कुष्ट रोग तो बोल-बोल कर सदा छिपाया जाता हेै
मंहगायी भुखमरी गरीबी पर क्यों तोते शान्त खडे हैं
व्यापम्, पापम्, भ्रष्टाचारी पर भी ये सम्भ्रान्त धडे हैं
बिन पानी के आधा भारत,चातक बनकर खडा हुआ है
संसद के दोनो सदनो मे आगस्ता परवान चढा हुआ है
एक दूसरे के मूंह पर अपशब्द का जूता फेंक रहे हैं
इस सर्कस को वाणी - भूषण, बुद्वि-बल्लभ देख रहे हैं
इस संसद के श्वान-युद्व में नेताओ को शर्म नही है
प्रजातन्त्र के इस मन्दिर में क्या चोरो का धर्म नही है
शक्ति प्रशिक्षण उत्तराखण्ड में चोर-डाकुओं का जारी है
बीहड में संग्राम मचा हेै, छविराम किस पर भारी है
सारे संजय दिव्य-दृष्टि से महाभारत को देख रहे है
हर चैनल पर प्रवक्ता भी ,शब्द विषैले फेंक रहे है
राजनीति ने अखण्ड राष्ट्र को राण्ड बनाकर छोड दिया
शब्दो का सौदागर नेता , भाण्ड बनाकर छोड दिया
संविधान को व्यभिचार का काण्ड बनाकर छोड दिया
बाबा को व्यवसायी ,भोगी भाण्ड बनाकर छोड दिया
शर्म नही आती है हमको ,हम उदण्ड क्यों मचा रहे हैं
क्यो नेता और अभिनेता सारे नगे पन को नचा रहे हैं
मेरे देश का राजनीति से,बचा-खुचा विस्वास उठ गया
कवि आग इस अहिसुष्णता से भारत का श्वांस घुट गया।।
राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा(आग)
मो09897399815

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