Friday, May 13, 2016

सियासत में टुच्चे
बी.जे.पी. में कांग्रेस के लावारिस अब खास हो गये
राजनीति में चाल,चरित्र और चेहरे भी उपहास हो गये
आज सियासत पूरे देश में जयचन्दो को पाल रही है
इन चोरों में राजनीति के धन्धो को खंगाल रही हेै
उत्तराखण्ड की राजनीति में अमितशाह भी दास हो गये
बी.जे.पी. में कांग्रेस के लावारिस अब खास हो गये

जो अरसों से जमे हुये थे, उनके अब तृष्कार हो गया
उत्तराखण्ड में अमितशाह फिर से आविष्कार हो गया
ये घर के भेदू, लंका ढहाने वाले ही वफादार हो गये
आदर्शों में जीने वालो के टुच्चे सब सरदार हो गये
राजनीति में दल-बदलू के ,ये झुरमुठ झक्कास हो गये
बी.जे.पी. में कांग्रेस के लावारिस अब खास हो गये

सभी विधायक अपने-अपने सुगम क्षेत्र को ढूंढ रहे हैं
ये मठाधीश भी परम्परा से सब दस्यु चेले मूंड रहे हैं
केन्द्र,प्रान्त का राजनीति मे भीतर ही संग्राम मचा हेै
राजनीति में अमितशाह ने ऐसा झण्डूबाम रचा है
आर.एस.एस.के मुल्य यंहा पर धीरे-धीरे नाश हो गये
बी.जे.पी. में कांग्रेस के लावारिस अब खास हो गये

जो अपनो के हो ना सके तुम उनसे प्रीत बढाते हो
अब गांधी ,नेहरू के चेलों को केशव कथा सुनाते हो
जिनको जीवनभर गाली दी आज अचानक मीत हो गये
क्यों राजनीति के इस पानी में, सारे शोले शीत हो गये
हिन्द - केशरी सभी लंगोटे,अपनो में उपहास हो गये
बी. जे. पी. में कांग्रेस के लावारिस अब खास हो गये

राजनीति का मूल्य हमेशा, राजनीति से ही गिरता है
राष्ट्र हमेशा समय काल की राजनीति ही मरता हेै
स्वाभिमान, सिद्यान्त हमेशा, आशा, तृष्णा ही खोती हेै
स्वार्थ-वाद की राजनीति से केवल जनता ही रोती है
देव-भूमि में दानव - दस्यु के दर - दर में वाश हो गये
बी.जे.पी. में कांग्रेस के लावारिस अब खास हो गये

कुछ मुर्दे मेरी कविता को पढकर अपना मूंह खोलेंगे
बिन समझे ही, अपशब्दो की अभिव्यक्ति भांषा बोलेगे
ये अहिसुष्णता के खलनायक राष्ट्र - द्रोह को फैलाते हेै
राष्ट्र-भक्त सम्भ्रान्त निकम्मे, गीत सियासत के गाते हैं
कवि आग इस मरूद्यान में ,नेता गाजर घास हो गये
बी.जे.पी. में कांग्रेस के लावारिस अब खास हो गये।।
राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा(आग)
मो09897399815
rajendrakikalam.blogspot.com 

No comments:

Post a Comment