Friday, August 7, 2015

                         सियासी पोखर
डी.एन.ए. की जाँच  करालो, सब  नेता  में  एक मिलेगा
ये  बीज   ऐसा  है  कीचड  में  भी  फेंको   वही  खिलेगा
खाद,हवा,पानी सब  इसको  अपशिष्ठों  से मिल जाता है
गली,मुहल्ले और समाज की  गन्द  यही  कीडा खाता है

तभी तो इसकी मोटी  चमडी  जूते खाकर  निखर रही है
जाति,पांति और कौम,कबीलो  में औलादें  बिखर रही है
मार,काट और  खून  खराबा,रोम-रोम  में  जमा हुआ है
ये कीचड का लीचड ,भारत के  घर-घर  में  रमा हुआ है

खादी के भी  कफन  लिबासो  में  ये  मुर्दा   चोैंक रहा है
जंहा भीड दिखती है इसको,शब्द  सियासी  भौंक  रहा है
भीडों का  जमघट  भी  इसको  देख-देख  कर शर्माता है
लालकिले से ये कीडा  भी ,राष्ट्र - ध्वजो  को  फहराता है

ओजस्वी भाषण को सुनकर, हम भी पागल बन जाते हेैं
पांच साल तक गन्द राष्ट्र  की ये कीडे मिल  कर खाते है
स.पा.,बा.स.पा.,बी.जे.पी. और  कांग्रेस इसकी नस्ले हैं
छोटी-मोटी  प्रान्त  पार्टी, इसी  बीज  की  कुछ फसलें हैं

हाई - ब्रीड  के  कुछ  तोते   हैें   जो  प्रवक्ता  बन जाते हेै
तर्कों ओैर  कु-तर्को   से  ये अपने   दल  को  पनपाते है
अपने-अपने पिता माह की  सब कमियों को  ढांक रहे हैं
राजनीति  के  च्यवनप्रास को  ये  कीडे  भी  फाँक रहे हैं

इन  कीडो  में  छैल -छबीली   मादाएं   भी  फंसी पडी है
कामातुर  सी  सभी  अदायें, रंग  महल  में  धंसी पडी है
लोकसभा और राज्य सभा  में  ये  प्रजाति  चिल्लाती है
भारत माता को ,मादायें भी  अपने  नखरों  से  खाती हैं

इन कीडो में किस्म - किस्म  के वर्ण-शंकरी  भी  होते हैं
व्यापम,पापम, क्रिकेट , सट्टे, घोटालों  को ,वो  ढोते हैं
शुक्ला,सुषमा,वशुन्धरा,शिवराज  इन्ही  को पाल  रहे हैं
ललित - गेट  के माहिर  मोदी  कीडे  को, ये  टाल रहे हैं

मुस्लिम  कीचड  के  कुछ  कीडे   तालाबो  में  तैर रहे हैं
उनके  फतवे  राष्ट्र - भक्ति  में  भारत  माँ  से  गैर रहे हैं
देश  की   रोटी   खाकर   झण्डे  पाकिस्तानी  उठा रहे हैं
वो  भी  भारत के लावारिस ,कुछ  कीडों  को  जुटा रहे हैं

सार यही  हैे  इस  कविता  का, नेताओं  में  खून एक है
संविधान  में समप्रभुता  का  राजनीति  मजमून एक हेै
घटक दलों के इन कीडो की नस्ले सबकी अलग-अलग है
कवि आग की कविताओं में ये तो केवल एक झलक है।।
               राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा;आग
                       मो098973998
         rajendrakikalam.blogspot.com

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