इसका हल ढंढो
जिस देश में नेता सत्ता में घोटाले करता हो
जिस देश में नेता केवल माया घर में भरता हो
जिस देश में नेता पशुओं के चारे को चरता हो
जिस देश का नेता जनता को भी सदा अखरता हो
मैं कहता हूँ भारत माँ की वो सच्ची सन्तान नही है
नेता जी अब ये भारत है,बिखरा हिन्दुस्तान नही है
जिस देश में नेता सत्ता में घोटाले करता हो
जिस देश में नेता केवल माया घर में भरता हो
जिस देश में नेता पशुओं के चारे को चरता हो
जिस देश का नेता जनता को भी सदा अखरता हो
मैं कहता हूँ भारत माँ की वो सच्ची सन्तान नही है
नेता जी अब ये भारत है,बिखरा हिन्दुस्तान नही है
जिस देश में वोट के खातिर जनता को बहलाते हों
जिस देश में चोर, उचक्के राष्ट्र- भक्त कहलाते हों
जिस देश में माल मिलावट का भी जनता खाती हो
जिस देश में मँहगायी से जनता ही मर जाती हो
मैं कहता हूँ ऐसा जन-गण-मन भारत का गान नही है
नेता जी अब ये भारत है,बिखरा हिन्दुस्तान नही है
जिस देश में चोर, उचक्के राष्ट्र- भक्त कहलाते हों
जिस देश में माल मिलावट का भी जनता खाती हो
जिस देश में मँहगायी से जनता ही मर जाती हो
मैं कहता हूँ ऐसा जन-गण-मन भारत का गान नही है
नेता जी अब ये भारत है,बिखरा हिन्दुस्तान नही है
जिस देश में नेता माओवादी,नक्सल पाल रहा हो
जिस देश में नेता पीढी आतंकवाद में डाल रहा हो
जिस देश में नेता दुश्मन से भी हाथ मिलाता हो
जिस देश में नेता केवल राजनीति की खाता हो
मैं कहता हूँ प्रजातन्त्र है,तुगलक का फरमान नही है
नेता जी अब ये भारत है,बिखरा हिन्दुस्तान नही है
जिस देश में नेता पीढी आतंकवाद में डाल रहा हो
जिस देश में नेता दुश्मन से भी हाथ मिलाता हो
जिस देश में नेता केवल राजनीति की खाता हो
मैं कहता हूँ प्रजातन्त्र है,तुगलक का फरमान नही है
नेता जी अब ये भारत है,बिखरा हिन्दुस्तान नही है
जिस देश में हिन्दू,मुस्लिम,सिक्ख,ईसाइ रहते हों
जिस देश के कौम कबीले राजनीति में बहते हों
जिस देश में जाति-पांति को भूखे-नंगे सहते हों
जिस देश में व्यभिचार को नैेतिकता हम कहते हों
मैं कहता हूँ,भारतवाशी अब इतने नादान नही हैं
नेता जी अब ये भारत है,बिखरा हिन्दुस्तान नही है
जिस देश के कौम कबीले राजनीति में बहते हों
जिस देश में जाति-पांति को भूखे-नंगे सहते हों
जिस देश में व्यभिचार को नैेतिकता हम कहते हों
मैं कहता हूँ,भारतवाशी अब इतने नादान नही हैं
नेता जी अब ये भारत है,बिखरा हिन्दुस्तान नही है
जिस देश में पाकिस्तानी झण्डे घर में हिलते हों
जिस देश में आतंको के काँटे फूल में खिलते हो
जिस देश में सासन गूँगा,बहरा बनकर बैठा हो
जिस देश में नेता पाकिस्तानी तनकर ऐंठा हो
मैं कहता हूँ राष्ट्रद्रोह है,ये कोई गौरव गान नही है
नेता जी अब ये भारत है,बिखरा हिन्दुस्तान नही है
जिस देश में आतंको के काँटे फूल में खिलते हो
जिस देश में सासन गूँगा,बहरा बनकर बैठा हो
जिस देश में नेता पाकिस्तानी तनकर ऐंठा हो
मैं कहता हूँ राष्ट्रद्रोह है,ये कोई गौरव गान नही है
नेता जी अब ये भारत है,बिखरा हिन्दुस्तान नही है
जिस देश में डेढ अरब की भीड बिलखती मरती हो
जिस देश में अन्नदाता हों, खेती की ना धरती हो
जिस देश में जमाखोर खाद्यान की चोरी करते हों
जिस देश में व्यवसायी ही नोट की बोरी भरते हों
मैं कहता हूं,भीड बढाने से भारत का मान नही है
नेता जी अब ये भारत है,बिखरा हिन्दुस्तान नही है
जिस देश में अन्नदाता हों, खेती की ना धरती हो
जिस देश में जमाखोर खाद्यान की चोरी करते हों
जिस देश में व्यवसायी ही नोट की बोरी भरते हों
मैं कहता हूं,भीड बढाने से भारत का मान नही है
नेता जी अब ये भारत है,बिखरा हिन्दुस्तान नही है
इस देश में नेताओं को राष्ट्र-भक्ति सिखलाना होगा
इस देश में नेताओं को,केवल भारत गाना होगा
इस देश में नेताओं का केवल एक घराना होगा
इस देश के नेताओं को एक मंच पर आना होगा
मैं कहता हू कवि आग की लपटों से पहचान नही है
नेता जी अब ये भारत है,बिखरा हिन्दुस्तान नही है ।।
राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा (आग)
मो0 9897399815
rajendrakikalam.blogspot.com
इस देश में नेताओं को,केवल भारत गाना होगा
इस देश में नेताओं का केवल एक घराना होगा
इस देश के नेताओं को एक मंच पर आना होगा
मैं कहता हू कवि आग की लपटों से पहचान नही है
नेता जी अब ये भारत है,बिखरा हिन्दुस्तान नही है ।।
राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा (आग)
मो0 9897399815
rajendrakikalam.blogspot.com

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