शिक्षा और राजनीति
विद्यालय में नेताओ का आना जाना बन्द करो
गुरूकुल और मदरसों में ना राजनीति दुर्गन्ध करो
शिक्षा को बस शिक्षा समझो, शिक्षा से ना द्वन्द करो
पढ करके प्रतिभायें निखरे,ऐसे कुछ लय,छन्द करो
बन्द करो बकवास सियासी गुरूकुल और मदरसों में
राष्ट्र प्रेम विकसित होता है शिक्षा के निष्कर्षों में
संस्कारो की समर भूमि से खरपतवारें दूर करो
जो आग यंहा भडकाते हो,वो नेता चकनाचूर करो
टी.वी.चैनल की चर्चायें राजनीति को मोड रही हैं
क्यों शैशवता की कलियों को निर्दयता से तोड रही है
राजनीति शमशान शवो के प्रक्षेपण क्यों छोड रही है
गुरूकुल में नेता की पीढी नया अखाडा जोड रही है
क्या हिन्दू,मुस्लिम,सिक्ख,इसाई के कीडे पनपाओगे
क्या जलिमो की तालीमों के गीत सियासी गाओगे
गुरूकुल और मदरसो में बस राष्ट्रहितो का प्यार भरो
शिक्षा से बस मात-पिता के सपने सब साकार करो
अब कितना उपयोग करोगे निष्फल बहते पानी का
किताना शोषण और करोगे भटकी हुयी जवानी का
गाँधी के आदर्शो ने ये खेल घिनौना खेला है
सात दशक से शिक्षाओ का दंश हमी ने झेला है
हे राजनीति के चाणक्यों ,इन चन्द्रगुप्त को माफ करो
हे प्रजातन्त्र के घनानन्द,इन बच्चों का इन्साफ करो
हे राजनीति के मुर्दों तुम कितने शमशान बनाओगे
कवि आग कहता है कोमल कलियां कब तक खाओगे।।
राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा (आग)
मो0 9897399815

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